शास्त्रोक्त विधि-विधान से सम्पन्न होने वाले कर्मकांड
पिंड दान गया जी में सम्पन्न होने वाला सबसे महत्वपूर्ण कर्मकांड है, जिसके द्वारा पितरों को मोक्ष व शांति प्राप्त होती है। विष्णुपद व फल्गु तट पर पिंडदान के साथ-साथ देवताओं, ऋषियों व पितरों को तर्पण (जल अर्पण) किया जाता है, जिससे पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में तीन प्रकार के ऋण बताए गए हैं - देव ऋण, ऋषि ऋण व पितृ ऋण - और गया श्राद्ध द्वारा पितृ ऋण से मुक्ति संभव मानी जाती है।
प्रेत योनि से पितृ योनि में लाने के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है। यह विशेष रूप से तीन पीढ़ियों (पिता, पितामह, प्रपितामह) के पितरों की तृप्ति एवं पितृदोष के निवारण हेतु किया जाता है। जिन परिवारों में पितृदोष के कारण बाधाएं आ रही हों, अथवा पूर्वज की मृत्यु-तिथि या कारण अज्ञात हो, उनके लिए यह विधि अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
जिन आत्माओं की मृत्यु अकाल, दुर्घटना या असामान्य परिस्थितियों में हुई हो, उनकी शांति हेतु नारायण बली पूजा की जाती है। यह विधि विशेष रूप से भगवान नारायण की उपासना सहित सम्पन्न कराई जाती है, जिससे आत्मा को शांति व सद्गति प्राप्त होती है। सामान्यतः नारायण बली के पश्चात ही त्रिपिंडी श्राद्ध सम्पन्न किया जाता है।
कुंडली में पितृदोष के कारण विवाह, संतान, स्वास्थ्य व व्यवसाय में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए यह विशेष पूजा की जाती है। मंदिर परिसर में विधिवत हवन व पूजन के साथ पितरों को प्रसन्न कर पितृदोष से मुक्ति दिलाई जाती है। यह पूजा उन परिवारों के लिए विशेष रूप से सुझाई जाती है जिनके ज्योतिषी ने कुंडली में पितृदोष बताया हो।
भगवान शिव की कृपा प्राप्ति व पितरों की तृप्ति हेतु फल्गु तट पर रुद्र अभिषेक पूजा सम्पन्न करवाई जाती है। जल, दूध, दही, शहद व गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की जाती है। रुद्राभिषेक को ग्रह दोष व स्वास्थ्य बाधाओं के निवारण हेतु भी अत्यंत प्रभावी माना गया है।
पूर्वजों की पुण्यतिथि पर या वर्ष में एक बार सम्पूर्ण विधि-विधान से किया जाने वाला पारंपरिक श्राद्ध कर्म, जिसमें ब्राह्मण भोज, पिंड अर्पण व तर्पण सम्मिलित है। गोस्वामी परिवार द्वारा शुद्ध शास्त्रोक्त पद्धति से यह कर्म सम्पन्न करवाया जाता है, तथा आवश्यकतानुसार पंचमी, नवमी व मातृ श्राद्ध जैसी विशेष तिथियों की जानकारी भी दी जाती है।
सभी पैकेज में शास्त्रोक्त विधि-विधान व पुरोहित मार्गदर्शन सम्मिलित है। सटीक विवरण व शुल्क हेतु कृपया संपर्क करें।
एक दिवसीय पिंड दान व तर्पण हेतु उपयुक्त
त्रिपिंडी श्राद्ध व नारायण बली सहित विस्तृत विधि हेतु
पूर्ण परिवार हेतु सम्पूर्ण श्राद्ध कर्म - बहु-दिवसीय विधि
शुल्क परिवार के सदस्यों की संख्या व चुनी गई विधि पर निर्भर करता है।
विवरण हेतु संपर्क करेंयात्रा की योजना बनाने से लेकर सम्पूर्ण विधि सम्पन्न होने तक, गोस्वामी परिवार आपके साथ है। ठहरने की व्यवस्था, संकल्प, पूजन सामग्री एवं ब्राह्मण भोज तक की सम्पूर्ण जानकारी व सहायता एक ही स्थान पर उपलब्ध।
आने से पहले फोन द्वारा अवश्य संपर्क करें। रास्ते व स्टेशन पर दलालों से सावधान रहें।