9472947354 | alokgoswami354@gmail.com | गोस्वामी भवन, पंचमहल्ला, अंदर गया, विष्णुपद के पास, गयाधाम, बिहार
0+ पीढ़ियों की सेवा
0+ संतुष्ट यजमान परिवार
0+ जिलों में सेवा
0+ प्रकार की पूजा विधि
सेवा क्षेत्र - राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश

गोस्वामी परिवार - गयाजी के पंडा

श्री विष्णु गजाधर गया जी के पण्डा के रूप में गोस्वामी परिवार पीढ़ियों से यजमानों की सेवा में समर्पित है। स्व. बाबु चुन्नी लाल गोस्वामी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज आलोक कुमार गोस्वामी एवं अक्षय आनन्द गोस्वामी शास्त्रोक्त विधि-विधान से पिंड दान, तर्पण, त्रिपिंडी श्राद्ध एवं नारायण बली पूजा सम्पन्न करवाते हैं।

गया जी को धरती पर मोक्ष-भूमि कहा जाता है — मान्यता है कि यहाँ पिंड दान करने मात्र से पितरों को अन्य कहीं किए गए श्राद्ध कर्म से भी अधिक शीघ्र मुक्ति मिलती है। हर वर्ष देश-विदेश से हजारों यजमान परिवार अपने पूर्वजों की सद्गति हेतु फल्गु तट व विष्णुपद पहुंचते हैं, और गोस्वामी परिवार हर कदम पर उनका मार्गदर्शन करता है।

प्रामाणिक शास्त्रोक्त विधि

वेद-पुराणों में वर्णित विधि अनुसार सम्पूर्ण कर्मकांड।

चार पीढ़ियों का अनुभव

राजेन्द्र लाल, चुन्नी लाल, पुरुषोत्तम लाल से आलोक व अक्षय तक।

राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में सेवा

मेवाड़, उदयपुर, रीवाँ, सतना, बांदा सहित अनेक जिलों के यजमान।

और जानें

गयाजी में सम्पन्न होने वाले प्रमुख कर्मकांड

पिंड दान और तर्पण

पिंड दान और तर्पण

पितरों की आत्मा की शांति व मोक्ष प्राप्ति हेतु विष्णुपद तट पर विधिवत पिंड दान व तर्पण।

त्रिपिंडी श्राद्ध

त्रिपिंडी श्राद्ध

प्रेत योनि से पितृ योनि में लाने के लिए होता है त्रिपिंडी श्राद्ध।

नारायण बली पूजा

नारायण बली

अकाल मृत्यु प्राप्त आत्माओं की शांति हेतु नारायण बली पूजा विधि।

पितृ दोष निवारण पूजा

पितृ दोष निवारण पूजा

पितृदोष के कारण आ रही बाधाओं के निवारण हेतु विशेष पूजा विधि।

रुद्र अभिषेक

रुद्र अभिषेक

भगवान शिव की कृपा व पितरों की तृप्ति हेतु रुद्र अभिषेक पूजा।

श्राद्ध कर्म गयाजी

श्राद्ध कर्म गयाजी

पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न होने वाला पारंपरिक श्राद्ध कर्म।

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पिंड दान कैसे सम्पन्न होता है

1
संपर्क करें

यात्रा से पूर्व फोन पर तिथि व संकल्प की जानकारी दें।

2
संकल्प व सामग्री

गोस्वामी भवन पहुंचने पर संकल्प व पूजन सामग्री की व्यवस्था।

3
विधि-विधान

विष्णुपद व फल्गु तट पर शास्त्रोक्त विधि से पिंड दान/तर्पण।

4
पूर्णाहुति

ब्राह्मण भोज व आशीर्वाद सहित कर्मकांड की पूर्णाहुति।

पूरी विधि मार्गदर्शिका देखें

हमारे यजमान क्या कहते हैं

"गोस्वामी परिवार ने हमारे पूर्वजों का पिंड दान बड़ी श्रद्धा व शास्त्रोक्त विधि से करवाया। आलोक जी ने हर कदम पर मार्गदर्शन किया। पूरा परिवार संतुष्ट होकर लौटा।"

रा
रामेश्वर शर्मा, उदयपुर

"रीवाँ से हमारा पूरा परिवार त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए आया था। फोन पर पहले ही पूरी जानकारी मिल गई थी, दलालों की कोई परेशानी नहीं हुई।"

दी
दीपक तिवारी, रीवाँ

"नारायण बली पूजा बहुत ही विधि-विधान से सम्पन्न हुई। अक्षय जी ने हर मंत्र व संकल्प समझाकर करवाया। धन्यवाद गोस्वामी परिवार।"

सु
सुनीता देवी, बांदा
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पिंड दान की बुकिंग के लिए आज ही संपर्क करें

आने से पहले फोन द्वारा अवश्य संपर्क करें। रास्ते व स्टेशन पर दलालों से सावधान रहें।